'दादा' के हवाले हुआ बीसीसीआई, अब होगी जमकर 'दादागिरी'

Patrika

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Author 2019-10-23 15:39:27

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मुंबई। पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ( बीसीसीआई ) के अध्यक्ष के तौर पर पदभार ग्रहण कर लिया है। बुधवार को बीसीसीआई के मुंबई हेडक्वार्टर में गांगुली बतौर अध्यक्ष कामकाज शुरू कर दिया।

47 साल के सौरव गांगुली पिछले 65 सालों में अध्यक्ष चुने जाने वाले पहले क्रिकेटर हैं। 65 साल पहले यानि 1954 में महाराजा कुमार विजयनगरम बीसीसीआई के अध्यक्ष बने थे। वे दो साल तक पद पर रहे थे। हालांकि महान सुनील गावस्कर और शिवलाल यादव (2014) भी बीसीसीआई के अध्यक्ष बने हैं लेकिन सिर्फ अंतरिम।

दस माह ही रह सकेंगे पद पर-

हालांकि सौरव गांगुली अध्यक्ष पद पर दस माह तक ही रह सकेंगे क्योंकि इसके बाद वे 'कूलिंग ऑफ पीरियड' पर चले जाएंगे। चूंकि गांगुली बंगाल क्रिकेट संघ (कैब) के भी अध्यक्ष हैं और कोई भी प्रशासक लगातार छह साल से अधिक बीसीसीआई में किसी भी पद पर नहीं रह सकता। गांगुली हाल ही में लगातार दूसरी बार कैब के अध्यक्ष बने हैं।

सीओए का कार्यकाल खत्म-

देश की शीर्ष अदालत के निर्देशानुसार नई कार्यकारिणी के कार्यभार संभालते ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति (सीओए) का राज भी खत्म हो गया। विनोद राय की अध्यक्षता वाली सीओए का 33 महीने का कार्यकाल विवादों से भरपूर रहा। सीओए के कई कठोर निर्णयों का बीसीसीआई के अधिकारियों और राज्य क्रिकेट संघों के अधिकारियों ने खुलकर विरोध किया।

सौरव गांगुली की सेना के सिपाही-

सौरव गांगुली के अध्यक्ष बनने के अलावा देश के गृह मंत्री अमित शाह के बेटे जय शाह सचिव बने हैं। इसके अलावा बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के छोटे भाई अरुण धूमल कोषाध्यक्ष, महिम वर्मा उपाध्यक्ष और केरल के जयेश जॉर्ज संयुक्त सचिव बने हैं।

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