अकेले नहीं इन लोगों के साथ मिलकर BCCI चलाएंगे दादा

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Author 2019-10-19 00:36:54

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दादा के नाम से मशहूर सौरव गांगुली बीसीसीआई चीफ की कुर्सी संभालने के लिए तैयार हैं. ये खबर पुरानी है. सभी को इसके बारे में पता है. बीसीसीआई के अध्यक्ष के रूप में गांगुली एक नौ सदस्यीय काउंसिल का हिस्सा होंगे. इस काउंसिल के नौ लोग मिलकर ही देश के क्रिकेट को चलाएंगे. इसमें अध्यक्ष यानी कि गांगुली के साथ बाकी के आठ लोगों में से कुछ डायरेक्ट जबकि कुछ इनडायरेक्ट चुनाव के जरिए आते हैं. चलिए एक-एक कर आपको बताते हैं इनके बारे में.

प्रेसिडेंट- सौरव गांगुली : दो बार क्रिकेट असोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के प्रेसिडेंट रह चुके गांगुली अब बीसीसीआई के चीफ होंगे. साल 2015 में CAB के प्रेसिडेंट बने थे. साल 2012-13 से CAB की वर्किंग कमिटी का हिस्सा थे. कूलिंग ऑफ पीरियड से पहले 10 महीने के लिए बीसीसीआई प्रमुख की कुर्सी संभालेंगे. गांगुली इससे पहले IPL की गवर्निंग काउंसिल में रह चुके हैं. इसके साथ ही वह बीसीसीआई की टेक्निकल कमिटी के हेड भी रह चुके हैं, और उन्होंने क्रिकेट अडवाइजरी कमिटी में भी काम किया है.

वाइस प्रेसिडेंट- माहिम वर्मा : साल 2000 में उत्तराखंड के नया राज्य बनने से पहले ही इनके पिता पीसी वर्मा ने इलाके की क्रिकेट के लिए काफी काम किया था. माहिम को क्रिकेट एडमिनिस्ट्रेशन में कोई खास अनुभव नहीं है. वह पिछले ही महीने क्रिकेट असोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के सेक्रेटरी बने हैं. उत्तराखंड को अगस्त में ही फुल मेंबरशिप मिली थी और सितंबर में वहां चुनाव हुए थे.

सेक्रेटरी- जय शाह : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के पुत्र जय शाह हाल तक गुजरात क्रिकेट असोसिएशन (GCA) से जुड़े थे. उन्होंने जब अपनी पोस्ट छोड़ी तभी कयास लगे थे कि वह अब बीसीसीआई में शामिल होना चाहते हैं. जय पांच साल तक GCA के जॉइंट सेक्रेटरी थे. कूलिंग ऑफ में जाने से पहले वह लगभग नौ महीने तक बीसीसीआई के सेक्रेटरी रहेंगे.

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जॉइंट सेक्रेटरी- जयेश जॉर्ज : यह भी इस काउंसिल में एक साल से कम वक्त तक ही रहेंगे. 50 साल के जयेश केरल क्रिकेट असोसिएशन से पांच साल से जुड़े हैं. उन्होंने हाल ही में कहा था कि वह जूनियर क्रिकेट पर फोकस करना चाहते हैं. इसके साथ ही उनका लक्ष्य तिरुअनंतपुरम क्रिकेट ग्राउंड को टेस्ट वेन्यू बनाना भी है.

ट्रेजरर- अरुण सिंह धूमल : धूमल परिवार पिछले कई दशक से हिमाचल प्रदेश क्रिकेट असोसिएशन को संभाल रहा है. अरुण धूमल पूर्व बीसीसीआई चीफ और मौजूदा केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के छोटे भाई हैं. लोढ़ा कमिटी के चलते अनुराग को क्रिकेट से अलग होना पड़ा जिसके बाद पिछले ही महीने अरुण ने हिमाचल क्रिकेट की बागडोर संभाली है.

काउंसलर- प्रभतेज सिंह भाटिया : जूनियर भाटिया छत्तीसगढ़ में शराब के सबसे बड़े कारोबारी हैं. वह छत्तीसगढ़ क्रिकेट असोसिएशन के पूर्व चीफ बलदेव सिंह भाटिया के पुत्र हैं. अपने पिता के बाद उन्होंने ही छत्तीसगढ़ क्रिकेट असोसिएशन की कमाल संभाली है. महज 27 साल के प्रभतेज इस काउंसिल के सबसे युवा सदस्य हैं.

इनके अलावा अंशुमान गायकवाड़ इस काउंसिल में पुरुष क्रिकेटर्स का प्रतिनिधित्व करेंगे. शांता रंगास्वामी यहां विमिन क्रिकेटर्स का पक्ष रखेंगी. इस काउंसिल का नौवां सदस्य CAG का रिप्रेजेंटेटिव होगा.

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