इलाज से नही बल्कि ऐसे ठीक हुआ था युवराज सिंह का कैंसर

TYAGI

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Author 2019-10-18 02:37:06

नमस्कार दोस्तो,मेरे चैनल पर आपका स्वागत है।क्रिकेट प्रेमी इस बात से सहमत होंगे कि क्रिकेट वर्ल्ड कप 2011 के समय युवराज सिंह फील्ड पर एक अलग क्रिकेटर के रूप में नजर आते थे। क्रिकेट वर्ल्ड कप 2011 के पहले, युवराज फॉर्म से बाहर लगते थे। वे काफी चोटिल थे और ऐसी अवस्था में तो कतई नहीं थे कि उनसे ‘मैन ऑफ़ दि टूर्नामेंट’ जीतने की उम्मीद की जा सके। तो फिर, युवराज ने अपनी फिटनेस और एकाग्रता का स्तर कैसे बढ़ाया? उत्तर है, योग से,युवराज ने योग अभ्यास सत्र को अपनी फिटनेस का न सिर्फ महत्वपूर्ण हिस्सा बताया बल्कि उन्होंने यह भी बताया कि खेल पर ध्यान केंद्रित करने में कैसे योग ने उनकी मदद की।

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कैसे योग आपकी एकाग्रता और समस्त योग्यता को बढ़ाने में आपकी मदद करता है, आइए, इस पर एक नजर डालें। ऐसी विभिन्न योग तकनीक हैं जो दिमाग और तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित करने में सहायक होती हैं, जिनसे स्मरण शक्ति और एकाग्रता को बढ़ाने में मदद मिलती है। उनमें से कुछ यहाँ हैं- धरना या एकाग्रता का अभ्यास धरना परेशान मन को प्रभावित करता है। यह मन को भटकने से रोकता है और उसे एक स्थान पर अटल रखता है। यह मन की परेशानियों को कम करता है और दिमागी शक्ति को बढ़ाता है। यह योग दर्शनशास्त्र का छठा अंग है और इसे अन्य योगासन के साथ किया जा सकता है या फिर दिन में अन्य कार्यों के साथ भी इसका अभ्यास किया जा सकता है। जैसे कि, बर्तन धोते समय।

प्राणायाम या साँस पर संयमपूर्णतः अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करके या अपनी सांस को रोककर, आपका मन एक जगह पर स्थिर रहने के लिए बाध्य हो जाता है। चिंतन का अभ्यास मन को इस विचार से उस विचार का स्मरण और भूतकाल से भविष्यकाल में विचरण करने से रोकता है और मन से सारे विचारों को निष्कासित करने में मदद करता है। यहाँ कुछ अभ्यास बताए गए हैं जो एकाग्रता को बढ़ाने में मददगार हैं: अभिवादन मुहर ध्यान केंद्रित करने और योगाभ्यास को दिनचर्या में शामिल करने के लिए यह सरल श्वसन अभ्यास एक अत्यंत सटीक रास्ता है।

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पालथी मारकर जमीन पर बैठें, अपने हाथों को सामने की तरफ जोड़कर नमस्कार की मुद्रा बनाएं, रीढ़ की हड्डी को सीधी रखकर बैठें, गहरी लंबी सांस भरें और छोड़ें, आती-जाती सांसों पर ध्यान केंद्रित करें। अनुलोम विलोम क्रिया पालथी मारकर जमीन पर बैठें, अपने दाहिने हाथ को चेहरे के समीप लाएं, हथेली चेहरे की तरफ, सूचक उंगली और मध्यम उंगली को मोड़ें, गहरी लंबी सांस भरने से पहले अपने अंगूठे की सहायता से दाहिने नासिका छिद्र को बंद करें, सांस को कुछ क्षण के लिए रोक कर रखें, फिर दाहिने नासिका छिद्र से छोड़दें, फिर सांस छोड़ते हुए अनामिका उंगली की मदद से बाएं नासिका छिद्र को बंद करें।

अब, बाएं नासिका छिद्र को बंद रखते हुए दाहिने नासिका छिद्र से सांस भरें, फिर बारी-बारी से एक-एक नासिका छिद्र को बंद करते हुए दूसरे से गहरी लंबी सांस भरें और छोड़ें। अपने मन को स्वच्छ करनेऔर सारी विकृतियों को मन से बाहर करने के लिए लगभग दो मिनट तक इस क्रिया को करें। वृक्षासन यह एकाग्रता बढ़ाने के लिए एक उत्कृष्ट संतुलन मुद्रा है। इसमें संतुलन बनाए रखने के लिए एकसटीक बिंदु पर दृढ़तापूर्वक ध्यान केंद्रित करना होता है। सीधे खड़े रहें और अपने दाहिने पैर कोऊपर उठाएं, इसे अपने हाथों की सहायता से पकड़ें और अपनी बायीं जांघ के पास अंदर ले जाने की कोशिश करें, पैरों की उंगलियों को जमीन की तरफ रखते हुए पैर को जितना ऊपर ले जा सकें उतना ले जाएं, जैसे ही आप संतुलित हो जाएं, अपने हाथों को मिलाकर नमस्कार की मुद्रा बनाएं, बाँहों को बाहर की तरफ रखते हुए हाथ की हथेलियों को अपने मस्तिष्क के समक्ष ले जाएं।

20 से 40 सेकंड इसी मुद्रा में रहने के पश्चात इस क्रिया को दूसरे पैर के साथ भी दोहराएं। बैठकर आगे झुकना बैठकर आगे की तरफ झुकना मन को शांति प्रदान करता है। इस सरल मुद्रा को करने के लिए, जमीन पर सीधे बैठें, गहरी लंबी सांस भरते हुए अपने पैरों के पंजे को बाहर की तरफ खोल दें। अपनी भुजाओं को सर के ऊपर उठाएं, रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें। सांस को बाहर छोड़ते हुए आगे झुक कर अपने पैर के पंजों को हथेलियों से छूने या पकड़ने का प्रयास करें। घुटना, जांघ या फिर पैर के तलवे, जहाँतक भी आपका हाथ पहुँच सके वहां पैरों को पकड़ें। वहीं ठहरें, शरीर को शिथिल कर दें और कम सेकम 30 सेकेंड तक गहरी लंबी सांस भरें और छोड़ें। ऊंट मुद्रा यह पीछे की तरफ झुकने की मुद्रा है, यह थोड़ी पेचीदा है, इसीलिए यह आपके मन में चल रहेव्याकुलता पैदा करने वाले विचारों को बाहर करने में मदद करता है।

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अपने घुटने पर बैठकर इस क्रिया को प्रारम्भ करें, फिर अपने पैर के तलवों को ऊपर उठाएं ताकि आपका जांघ जमीन से सीधी रेखा में आ जाए, अपने हाथों को शरीर के पिछले निचले हिस्से पर रखें और गहरी लंबी सांस भरते हुए झूलते हुए पीछे की तरफ जाएं, अपने मष्तिष्क को आराम से पीछे की तरफ झुकने दें। लेटे हुए नायक मुद्रा यह विश्राम या शिथिलता की मुद्रा है, यह ध्यान केंद्रित करने में सहायता करती है। अपने घुटने के बल बैठें, फिर अपने पैरों को धीरे-धीरे खोलें जब तक कि आपके शरीर का निचला हिस्सा जमीन को न छू जाए, गहरी लंबी सांस भरें और अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें, फिर पीछे की तरफ लेटते हुए सांस छोड़ें।

इस क्रिया का उद्देश्य आपके शरीर के पिछले हिस्से को जमीन पर लिटा कर पूरी तरह से आराम दिलाना है। अपनी भुजाओं को खोल दें, हाथ की हथेलियाँ आकाश की ओर, आती जाती साँसों पर ध्यान केंद्रित करें, आप इस मुद्रा में 30 सेकंड से 5 मिनट तक रह सकते हैं। अच्छी बात यह है कि लगभग सारी योग मुद्राएं एकाग्रता और लचक को बढ़ाने में मददगार साबित होतीहैं। आज के समय में जब हम एक ही समय में बहुत सारे काम करते हैं, तब हमें एकाग्रता शक्ति की सबसे अधिक जरुरत होती है, लेकिन दुर्भाग्यवश तनाव के कारण हम एकाग्र नहीं रह पाते। .

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