कोच और कप्तान के बीच फंस गई है पाकिस्तान की क्रिकेट

Manish Jain Agra

Manish Jain Agra

Author 2019-10-09 02:23:45

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पाकिस्तान श्रीलंका की युवा टीम से टी20 श्रृंखला क्या हारा पूरे पाकिस्तान में हाहाकार फिर शुरू हो गया है। पाकिस्तानी मीडिया में भी इस बात के काफी चर्चे हैं कि कप्तान सरफराज टीम को पसंद नहीं हैं साथ कोच के लिए गए फैसलों को टीम के खिलाड़ी पसंद नहीं कर रहे हैं।

मिस्बाह उल हक को पाकिस्तान की टीम का हैड कोच और चयनकर्ता बनाने के बाद काफी अधिक अधिकार उनके पास आ चुके हैं। सरफराज अहमद ने करीब एक माह पहले अपनी कप्तानी बरकरार रहने पर बयान दिया था कि मिस्बाह उल हक व उन्होंने मिलकर काफी क्रिकेट साथ खेली है और इसी कारण उनको अपनी कप्तान को लेकर कोई संशय नहीं हैं।

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विश्व कप में सेमीफाइनल में भी नहीं पहुंच पाई पाकिस्तान की टीम को लेकर काफी हल्ला हुआ था और मिकी आर्थर की कोच के पद से छुट्टी होने के बाद पाकिस्तान की क्रिकेट में काफी मंथन भी हुआ था। कोच ही चयनकर्ता हो इसको लेकर मुख्य चयनकर्ता इंजमाम उल हक की छुट्टी भी कर दी गई थी।

मिस्बाह उल हक को दोहरी जिम्मेदारी देने के साथ एक प्रस्ताव यह भी था कि टेस्ट टीम व सीमित ओवर के प्रारूप के लिए कप्तान अलग-अलग हो जिसके लिए बाबर आजम का नाम सबसे उपर था।

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श्रीलंका की युवा टीम के खिलाफ दो टी20 मैच लगातार हारने के दौरान मैच में खिलाड़ियों की शारीरिक भाषा भी यह समझा रही थी कि उनको मैच को जीतने की कोई विशेष इच्छा नहीं है। खास तौर पर खिलाड़ियों का एक समूह कोच मिस्बाह के उस फैसले के भी खिलाफ था जो कि उन्होंने अहमद शहजाद और उमर कमाल को टीम में शामिल करने का किया था। फखर जमान जैसे शानदार बल्लेबाज की कीमत पर अहमद शहजाद को खिलाना टीम की मनोवैज्ञानिक परिस्थितियों पर भारी पड़ा तो पहले मैच में ठीक प्रदर्शन करने वाले इफ्तिखार अहमद को दूसरे मैच में बाहर बैठाकर फखर जमान को अंदर लाया गया लेकिन अहमद शहजाद और उमर कमाल के प्रति कोच का निजी प्रेम खत्म नहीं हुआ।

कप्तानी में सरफराज अहमद के तर्कहीन निर्णय व क्षेत्ररक्षण लगाने के तरीके भी बड़े अजीब रहे जो कि किसी भी मायने में एक अंतरराष्ट्रीय टीम के कप्तान के स्तर के नहीं थे।

बाबर आजम का लगातार दो पारियों में सस्ते में अपना विकेट गंवा देना उनका निजी रोष माना जा सकता है जो कि कप्तान सरफराज के खिलाफ एक बिगुल बजाने के समान है।

मिस्बाह उल हक पाकिस्तान के एक पूर्व सम्मानीय क्रिकेटर रहे हैं और वर्तमान में कोच व चयनकर्ता की दोहरी भूमिका निभा रहे हैं। कप्तान के रूप में सरफरफराज अहमद उनकी पहली पसंद कब तक रहते हैं और अपने चहेते खिलाड़ियों को वर्तमान पारंपरिक खिलाड़ियों पर वरीयता वो कब तक देते हैं यह देखना रोचक होगा।

फिलहाल कहा जा सकता है कि पाकिस्तान की क्रिकेट इन दिनों कोच व कप्तान के बीच फंसी हुई अपना पतन खुद कर रही है।

Source: Geonews

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