क्रिकेटर नहीं इंजीनियर बनना चाहते थे जहीर खान

Palpal India

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Author 2019-10-07 15:30:22

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नई दिल्ली. टीम इंडिया के सबसे सफल गेंदबाजों में शुमार जहीर खान अपना 41वां जन्मदिन मना रहे हैं. जहीर का जन्म 7 अक्टूबर को 1978 को महाराष्ट्र के दैमाबाद में हुआ था. जहीर ने भारत की ओर से 92 टेस्ट, 200 वनडे और 17 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं. भले ही उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया हो, लेकिन आज भी उन्हें अपनी सटीक लाइन और लेंथ के लिए याद किया जाता है. जहीर ने 14 साल के इंटरनेशनल करियर में कुल 610 विकेट अपने नाम किए हैं.

बहुत कम लोग जानते हैं कि जहीर क्रिकेटर नहीं बल्कि इंजीनियर बनना चाहते थे. जहीर के पिता ने उनसे कहा था कि बेटा देश में इंजीनियर तो बहुत हैं, लेकिन तेज गेंदबाजों की कमी है, तो तुम तेज गेंदबाज बनो. इसके बाद जहीर ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. जहीर के पिता उन्हें 17 साल की उम्र में मुंबई ले गए और फिर जिमखाना के खिलाफ फाइनल में जहीर द्वारा लिए गए 7 विकेटों ने उन्हें एकाएक सुर्खियों में ला दिया. जहीर अपने करियर के दौरान इंजरी से काफी परेशान रहे, नहीं तो उनके नाम और भी ज्यादा इंटरनेशनल विकेट दर्ज होते.

नकल बॉल की खोज

क्रिकेट में तेज गेंदबाजों के हथियारों में नकल बॉल ने खास जगह बना ली है. आज दुनिया के तमाम गेंदबाज नकल गेंद फेंकते हैं, लेकिन इसकी खोज करने का श्रेय जहीर को ही जाता है. जहीर खान ने सबसे पहले नकल गेंद फेंकी थी और इसके बाद दुनिया के तमाम तेज गेंदबाजों ने इसका इस्तेमाल करके विकेट हासिल किए.

जहीर खान ने 2003 से लेकर 2011 विश्व कप के बीच कुल 44 विकेट लिए हैं. आईसीसी विश्व कप की बात करें तो वो भारत के सबसे सफल गेंदबाज हैं. विश्व कप में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में वो ओवरऑल छठे नंबर पर हैं. ग्लेन मैकग्रा (71), मुथैया मुरलीधरन (68), वसीम अकरम (55), चामिंडा वास (49) और लसिथ मलिंगा (47) ही उनसे आगे हैं. जवागल श्रीनाथ ने भी भारत के लिए विश्व कप में 44 विकेट लिए हैं, लेकिन जहीर ने 23 मैचों में ये कारनामा किया है, जबकि जवागल श्रीनाथ ने 34 मैचों में ये किया था.

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