जीत तुम्हारी होगी

Amar Ujala

Amar Ujala

Author 2019-09-19 17:01:47

हिन्दी कविता – जीत तुम्हारी होगी |
मन से हारे तो हार जाओगे |
मन से जीते उस पार जाओगे |
तुम जीते हो जीत तुम्हारी होगी |
बुलंद सोच ललकार पाओगे |
तुम नहीं हारोगे हारना आता नहीं |
जीत मुसकिल नहीं हार पाओगे |
हार जीत की राह दिखाएगी |
बीतता वक्त ये भी गुजार जाओगे |
गिरो उठो झरनो की तरह |
बाधाओ पारकर संसार पाओगे |
सांस अंतिम तुमको लड़ना है |
उम्मीद जिंदा जिंदगी उधार पाओगे |
इस पार या उस पार फैसला करो |
न लड़े कोई न मददगार पाओगे |
काम ज्यादा और जिंदगी कम है |
गंवाया समय न मंजिल न यार पाओगे |
जो जीता वो सिकंदर हुआ |
कल को भूल आज का प्यार पाओगे |
श्याम कुँवर भारती [राजभर]
कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,
मोब /वाहत्सप्प्स -995550928

- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें। 

READ SOURCE

⚡️Fastest Live Score

Never miss any exciting cricket moment

OPEN