टेस्ट में रोहित को ओपनिंग का मौका- क्या हो पाएंगे कामयाब?

BHEL Daily News

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Author 2019-09-16 16:19:56

मुंबई

imgसाउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भले ही रोहित शर्मा को भारतीय टीम में बतौर सलामी बल्लेबाज शामिल किया गया हो लेकिन सवाल अब भी कायम हैं कि क्या रोहित खेल के सबसे लंबे प्रारूप में कामयाबी हासिल कर सकते हैं। टीम प्रबंधन को हालांकि लगता है कि 32 वर्षीय रोहित टेस्ट में सलामी बल्लेबाज के तौर पर अपनी लय हासिल कर सकते हैं। लेकिन कुछ लोगों को इस बात पर अभी पूरी यकीन नहीं है।

भारतीय टीम के पूर्व विकेटकीपर नयन मोंगिया, जिन्होंने एक अस्थायी (मेकशिफ्ट) ओपनर के रूप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पर 152 रनों की पारी खेली थी। वह बतौर सलामी बल्लेबाज रोहित की साख को लेकर अभी पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं। मोंगिया ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, ‘ओपनिंग एक विशेष योग्यता वाला काम है। वह सीमित ओवरों के खेल में पारी की शुरुआत करते रहे हैं लेकिन टेस्ट क्रिकेट में यह काम करते समय आपको अलग मानसिकता के साथ खेलना होता है।’

इस पूर्व विकेटकीपर खिलाड़ी ने कहा, ‘हां, अगर वह सीमित ओवरों के अपने खेल- गेंद पर आक्रमण- पर टिके रहते हैं तो अलग बात है। मेरी सलाह तो यही है कि उन्हें गेंद पर आक्रमण करने की अपनी ताकत पर खेलना चाहिए बजाय कि टेस्ट क्रिकेट के हिसाब से अपने खेल में बदलाव करने के।’

मोंगिया को लगता है कि रोहित को बतौर सलामी बल्लेबाज शामिल कर चयनकर्ताओं ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों के साथ न्याय नहीं किया। उन्होंने अभिमन्यु आसवरन (52 फर्स्ट क्लास मैचों में 49.59 के औसत से 4067 रन और प्रियांक पांचाल (87 फर्स्ट क्लास मैचों में 54.14 के औसत से 6186) रन बनाने वाले बल्लेबाजों का उदाहरण दिया, जो क्रमश: बंगाल और गुजरात की ओर से घरेलू क्रिकेट खेलते हैं।

मोंगिया ने कहा, ‘मैं एक विशेषज्ञ ओपनर को चुनना पसंद करता। उन सलामी बल्लेबाजों को देखता जो घरेलू क्रिकेट में अपने करियर की शुरुआत से ही अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उन लोगों को मौका क्यों न दिया जाए जो एक सीजन में बतौर ओपनर 1000-800 रन बना रहे हैं।’उन्होंने कहा, ‘रोहित एक शानदार बल्लेबाज हैं, लेकिन क्या होगा अगर उन्होंने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया तो?, मैं सिर्फ यही उम्मीद करूंगा कि वह इस मौके का पूरा फायदा उठाएं।’

हनुमा विहारी और अजिंक्य रहाणे को मध्यक्रम में जगह मिलने के बाद रोहित के लिए टेस्ट क्रिकेट में अपना मुकाम बनाने का यह शायद आखिरी मौका हो। रोहित के बचपन के कोच सिद्धार्थ लाड ने कहा, ‘मुझे यकीन है कि वह कामयाब होगा। उनकी तकनीक के साथ कोई समस्या नहीं है। उन्हें नई गेंद के साथ बस उसी तरह का संयम और धैर्य दिखाना होंगे जैसा उन्होंने इंग्लैंड में वर्ल्ड कप में दिखाया था।’पार्थिव पटेल को भी सिलेक्टर्स ने बतौर सलामी बल्लेबाज आजमाया था। उन्होंने कहा, ‘भारत में टेस्ट क्रिकेट में ओपनिंग सबसे अच्छी बैटिंग पोजिशन है। यहां बैटिंग करना मिडल ऑर्डर में बैटिंग करने से आसान है।’

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