डे-नाइट टेस्ट की यह 5 बातें आपकों नहीं पता होंगी

Crickdeewana

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Author 2019-10-31 19:51:00

कम ही लोग जानते हैं कि डे-नाइट टेस्ट की शुरुआत 7 साल पहले 30 अक्टूबर 2012 को हुई जब आईसीसी ने डे-नाइट क्रिकेट को हरी झंडी दिखाई थी।

1- पहला डे-नाइट टेस्ट 27 नवम्बर 2015 में ऑस्ट्रेलिया बनाम न्यूजीलैंड खेला गया था। यह मैच ऑस्ट्रेलिया (एडिलेड) के मैदान पर खेला गया था और ऑस्ट्रेलिया ने इसे 3 विकेट से जीत लिया था

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2-आपको बता दें कि आज तक लगभग 2000 टेस्ट मैच खेले जा चुके हैं जिसमें से डे-नाइट के सिर्फ 15 ही मैच हुए हैं और भारत, बांग्लादेश,अफगानिस्तान और आयरलैंड यहीं चार ऐसे देश हैं जिन्होंने आज तक कोई डे-नाइट टेस्ट नहीं खेला है।

3-डे-नाइट टेस्ट में आम टेस्ट से अलग गुलाबी गेंद का इस्तेमाल किया जाता है जो कि रात को देखने में आसान होनी है और दूसरे टेस्ट मैचों की तरह ही इसमे भी एक दिन में 90 ओवर ही फैंकने पड़ते हैं।

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4-अगर बात करें टी ब्रेक और लंच की तो आम टेस्ट में पहले लंच और फिर टी ब्रेक आता है लेकिन इसके विपरीति डे-नाइट टेस्ट में पहले टी ब्रेक और बाद में लंच होता है जिसे सपर कहा जाता है, यह एक अंग्रेज़ी शब्द है जो रात के हल्के खाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

5-आईसीसी नियमों के अनुसार जिस देश मे डे-नाइट टेस्ट का आयोजन हो रहा है उसे मेहमान देश से इसकी अनुमति लेना भी जरूरी है और हर तरह की जानकारी भी देना अनिवार्य होता है और इस मैच की शुरुआत दोपहर 1:30 से होती है और रात के 9 बजे तक खेला जाएगा।

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