डे-नाइट टेस्ट पर कोहली ने जताई सहमति, गांगुली ने दी जानकारी

The Quint

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Author 2019-10-26 06:52:35

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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के नए अध्यक्ष सौरव गांगुली ने शुक्रवार 25 अक्टूबर को कहा कि भारतीय कप्तान विराट कोहली डे-नाइट टेस्ट मैच खेलने के लिए सहमत हैं. बांग्लादेश के खिलाफ होने वाली सीरीज के लिए टीम चुनने के उद्देश्य से गांगुली गुरुवार को मुंबई में कोहली एवं उप-कप्तान रोहित शर्मा से मिले थे.

गांगुली ने कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) की ओर से आयोजित स्वागत समारोह में कहा,

“हम सभी इस बारे में सोच रहे हैं. हम इस बारे में कुछ करेंगे. मैं दिन-रात के टेस्ट मैच में विश्वास रखता हूं. कोहली भी इसके लिए सहमत हैं.”

इससे पहले 2018 में भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे में दोनों टीमों के बीच डे-नाइट टेस्ट खेलने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन भारतीय टीम ने इससे इंकार कर दिया था. तब से ही ये कहा जाता रहा है कि भारतीय कप्तान विराट कोहली और टीम के कई खिलाड़ी इसको लेकर आश्वस्त नहीं हैं. हालांकि गांगुली ने इन बातों को गलत बताया.

सौरव गांगुली, बीसीसीआई अध्यक्ष“मुझे अखबारों में बहुत सी रिपोर्ट दिखाई देती हैं कि वह इसके पक्ष में नहीं हैं, लेकिन यह सच नहीं है. खेल को आगे बढ़ने की जरूरत है और यही आगे का रास्ता है. लोगों को काम खत्म करके चैंपियंस को खेलते हुए देखने आना चाहिए. मुझे नहीं पता कि ऐसा कब होगा, लेकिन यह जरूर होगा.”

गांगुली खुद में डे-नाइट टेस्ट के बड़े समर्थक रहे हैं और बंगाल क्रिकेट संघ का अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने राज्य में गुलाबी बॉल (डे-नाइट टेस्ट में इस्तेमाल होने वाली गेंद) का इस्तेमाल करना शुरू किया था.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और बांग्लादेश के बीच होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज में से एक मैच डे-नाइट हो सकता है. हालांकि अभी इस पर पूरी तरह सहमति नहीं बनी है.

BCCI का रोडमैप?

यह पूछे जाने पर कि आगे का रोडमैप क्या है? गांगुली ने कहा,

“टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया है, हम बड़े टूर्नामेंट नहीं जीते हैं इसलिए रोडमैप समय के साथ आएगा. भारतीय क्रिकेट में एक अच्छा ढांचा है और इसमें पैसा भी है.”

गांगुली ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) और इंग्लिश प्रीमियर लीग (ईपीएल) की भी तुलना की.

गांगुली ने कहा, "आईपीएल अब ईपीएल की तरह दुनिया की सबसे बड़ी लीग है. लोकप्रियता और संचालन के मामले में यह किसी भी तरह से ईपीएल से कम नहीं है. मेरा काम सभी स्तरों पर क्रिकेटरों की मदद करना है, प्रथम श्रेणी में खेलने वाले खिलाड़ी. मेरी महत्वाकांक्षा यह है कि जो खिलाड़ी भारत के लिए नहीं खेलते हैं, उन्हें सुविधाएं मिलें. मेरी इच्छा क्रिकेट को विश्वसनीय और स्वच्छ बनाने की भी है."

उन्होंने कहा, “मैं अपनी समय सीमा के बारे में नहीं जानता, लेकिन जब मैं पद छोडूंगा तब जो नए लोग आएंगे वह यह जरूर कह सकेंगे कि मैं एक स्वस्थ प्रणाली पीछे छोड़कर गया हूं.”

हितों के टकराव के कारण बीसीसीआई में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ काम न कर पाने पर गांगुली ने कहा, "मैं उसे बदल नहीं सकता. हमें ऐसा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध करना होगा. ऐसा किया भी जा रहा है. स्थिति रिपोर्ट दायर की गई है और उन्होंने कहा कि इसे फिर से देखने की जरूरत है. हितों के टकराव के मुद्दे पर समझदारी से काम करना होगा. हमें उसे सरल बनाए रखने की जरूरत है और मैं इसे ही आगे बढ़ाऊंगा. मैं बड़े खिलाड़ियों को खोना नहीं चाहता."

कोहली से अपने रिश्ते पर गांगुली ने कहा, "यह अच्छा होना चाहिए. लोग यह नहीं जानते की अंदर क्या हो रहा है."

गांगुली ने मुंबई में अध्यक्ष पद ग्रहण करने के दौरान भारत का ब्लेजर पहना था. इस पर उन्होंने कहा, "जब से मैंने क्रिकेट से संन्यास लिया है, मैंने बहुत सारे फैशनेबल कपड़े पहने हैं. मुझे खुशी है कि मुझे खेल छोड़ने के बाद से उस ब्लेजर को बड़े मंच पर पहनने का अवसर मिला. बाईं ओर बना चिन्ह हमेशा विशेष होगा."

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