धोनी की इस टिप्स से शमी को मिली हैट्रिक

Asiaville

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Author 2019-09-17 15:32:14

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इस विश्वकप में अपना पहला मैच खेल रहे मोहम्मद शमी ने कल अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ भारत को हारता हुआ मैच जिता दिया. 50वें ओवर की तीसरी, चौथी और पांचवीं गेंद पर हैट्रिक लेकर उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान की पारी ही ख़त्म कर दी. मैच के बाद जब उनसे हैट्रिक के बारे में पूछा गया तो उन्होंने टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी को इसका श्रेय दे दिया.

मोहम्मद शमी ने कहा पहली गेंद पर चौका पड़ने के बाद धोनी के उनके पास आकर सलाह दी और उसके बाद शमी ने उसी लाइन पर गेंद डाल दी. शमी ने कहा, “हमारी योजना सरल थी. यॉर्कर गेंदबाज़ी करने के लिए माही भाई ने सुझाव दिया. उन्होंने कहा, अब (लाइन लेंथ में) कुछ भी मत बदलो. आपके पास हैट्रिक लेने का बड़ा मौका है. ये बहुत मुश्किल मौक़ा है और आपको ऐसा करना ज़रूरी है. मैंने वही किया जो मुझे बताया गया था.”

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तेज़ गेंदबाज़ भुवनेश्वर कुमार की चोट के चलते मोहम्मद शमी को टीम इंडिया में जगह दी गई और मोहम्मद शमी पहले ही मैच में इस मौक़े का ज़बरदस्त फ़ायदा उठाया और ख़ुद को मैच जिताने वाले गेंदबाज़ के तौर पर साबित किया.

मोहम्मद शमी ने कहा, “प्लेइंग इलेवन में मौक़ा मिलना थोड़ा मुश्किल होता है. लेकिन मैं तैयार था कि जब भी मुझे मौक़ा मिलेगा मैं उसका भरपूर इस्तेमाल करूंगा. जहां तक हैट्रिक की बात है तो कम से कम विश्वकप में तो यह मुश्किल है. लेकिन ऐसा हुआ और मैं इससे खुश हूं.”

मोहम्मद शमी ने कहा कि अंतिम ओवर में ज़्यादा कुछ सोचने का मौका नहीं था. जो हुआ वो करना ही था. हमें जीतना ही था और हमने योजना को अंजाम दिया.

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शमी ने कहा, “सोचने का समय नहीं था. आपको अपने खुद के प्रदर्शन से खेल में वापसी करनी होती है क्योंकि इसके अलावा और कोई विकल्प नहीं था. अगर आप ज़्यादा बदलाव की कोशिश करते हैं तो ऐसे में रन बनने की संभावना बढ़ जाती है. उस वक़्त चिंतन-मनन करने के बजाय योजना को अंजाम देना ज़रूरी था. ऐसे समय में आपको बल्लेबाज़ के दिमाग़ को पढ़ना चाहिए.”

भारतीय गेंदबाज़ों ने महसूस किया था कि शॉर्ट गेंद एक ऐसा हथियार था जिसका प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया जा सकता है और टीम के दोनों पेसर मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह ने अफ़ग़ान बल्लेबाज़ों के ख़िलाफ़ ऐसा ही किया.

मोहम्मद शमी ने कहा, “हमने फुल लेंथ की गेंदें नहीं फेंकी क्योंकि यह अच्छी तरह से बल्ले पर आ रही था. हमें पता था कि शॉर्ट बॉल के ख़िलाफ़ बल्लेबाज़ को खेलने में परेशानी होगी. हमारा प्लैन आसान था, अलग-अलग लेंथ के बाउंसर थे.”

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मुक़ाबले में अफ़ग़ानिस्तान के ऑलराउंडर मोहम्मद नबी ने अपने अर्धशतक के साथ जीत को भारत के हाथ से लगभग छीन ही लिया था. मोहम्मद शमी ने कहा कि नबी को आउट करना सबसे ज़रूरी था.

शमी ने कहा, “मोहम्मद नबी क्रीज़ पर टिके हुए थे लेकिन बाद में उनका फ्लो थोड़ा टूट रहा था. हम सामने वाले को अपनी कमज़ोरी नहीं दिखा सकते. बाहर से हमेशा हमें आक्रामक दिखना चाहिए. ऐसे में नबी आउट होते तो मैच हमारा हो जाता. वो एकमात्र बल्लेबाज़ थे जो अपनी पारी को संभाले हुए थे.

मोहम्मद शमी काफी वक़्त से चोट की वजह से भारतीय टीम से बाहर थे. शमी की एक सर्जरी भी हुई थी. शमी के मुताबिक़, “अगर मुझे टीम में वापसी करनी थी, मुझे क्रिकेट खेलना जारी रखना था. तो मुझे कुछ अलग करने की ज़रूरत थी. मैंने अपने फिटनेस पर बहुत ध्यान दिया.”

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