धोनी पर फिर टूटे आलोचक, कोहली-रोहित उतरे बचाव में

Asiaville

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Author 2019-09-17 15:37:06

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कल इंग्लैंड के ख़िलाफ़ मिली हार के बाद एक बार फिर महेन्द्र सिंह धोनी की धीमी बल्लेबाज़ी पर सवाल उठने लगे हैं. इंग्लैंड के हाथों 31 रनों से शिकस्त खाकर भारत को इस टूर्नामेंट में पहली बार हार का मुंह देखना पड़ा.

इस हार के साथ ही धोनी की आलोचनाओं का सिलसिला शुरू हो गया है. आख़िरी ओवर्स में धोनी और केदार जाधव की धीमी बल्लेबाज़ी से ना सिर्फ़ क्रिकेट के आम फैंस नाराज़ हैं, बल्कि पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटरों भी धोनी की पारी पर सवाल उठाए. आखिरी 5 ओवर्स में भारत को जीत के लिए 71 रनों की दरकार थी, लेकिन धोनी और जाधव की धीमी बल्लेबाज़ी की वजह से भारत ने इस दौरान बिना विकेट खोए सिर्फ़ 39 रन बनाए.

कमेंटेटर हर्षा भोगले ने धोनी की पारी को निराशाजनक करार दिया. उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “निराशजनक अंत. एक गेंद एक रन वाली पार्टनरशिप से मैच नहीं जीते जाते. रोमांच बस तब तक था जब तक पंड्या खेल रहे थे.”

पूर्व टेस्ट क्रिकेटर और कमेंटेटेर संजय मांजरेकर को भी धोनी का आख़िरी ओवर्स में एक-एक रन लेना नागवार लगा. उन्होंने लिखा, “अगर कोई टीम भारत को जीतने से रोक सकती थी वो इंग्लैंड थी. आख़िरी ओवर्स में धोनी का खेलने का तरीका बहुत चौंकानेवाला था.”

यही नहीं, इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन जब भारत-इंग्लैंड मैच की कमेंट्री कर रहे थे तब उन्होंने भी धोनी की आलोचना की. आख़िरी के पांच ओवर में हुसैन भी धोनी के खेल को समझ नहीं पा रहे थे. उन्होंने कहा, “धोनी कर क्या रहे हैं? जैसा भारत खेल रहा है, ये वैसा खेल नहीं है. इन्हें रन लेने चाहिए, लेकिन ये क्या कर रहे हैं? ये विश्वकप का मैच है और दुनिया की दो टॉप टीमें खेल रही हैं. कम से कम उनको कोशिश तो करनी चाहिए.”

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कुछ दिन पहले धोनी का बचाव करने वाले सौरभ गांगुली भी नासिर हुसैन की बातों से सहमत दिख रहे थे. गांगुली ने कहा, “हमारे हाथ में पांच विकेट हैं और फिर भी डॉट गेंदें खेलना मेरी समझ से परे है. आप 338 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रहे हो और आपके हाथ में 5 विकेट हैं. आपकी सोच है कि आप खेल को किस तरह से देख रहे हैं. इस समय मैसेज बिल्कुल साफ होना चाहिए कि गेंद कहीं भी आए आपको इसे सीधे बाउंड्री पार पहुंचाना है. इस स्थिति में डॉट गेंद खेलना मेरी समझ से बाहर है.”

लेकिन इन तमाम आलोचनाओं के बाद एक बार फिर कप्तान कोहली ने धोनी का बचाव किया. कोहली ने कहा, हम पहला विकेट गिरने के बाद बहुत आराम से खेल रहे थे. शुरू में ही विकेट गिर जाने से दबाव बनता है. हमने केएल राहुल का विकेट शुरुआत में ही खो दिया था. इंग्लैंड के गेंदबाजों ने पहले 10 ओवर में बेहतरीन गेंदाबज़ी की थी.

वहीं धोनी और केदार जाधव की बल्लेबाज़ी का रोहित शर्मा ने भी बचाव किया. रोहित ने कहा, “माही और केदार ने बड़े शॉट खेलेने की कोशिश की, लेकिन स्लो पिच की वजह से ये संभव नहीं हो पाया. आप यहां इंग्लिश टीम की सराहना कर सकते हैं कि उन्होंने बेहतरीन खेला.”

धोनी की पहचान एक बेहतरीन फिनिशर की रही है. आख़िरी ओवरों में वो टीम के लक्ष्य का पीछा करने की सूरत में कम ही चूकते हैं लेकिन मौजूदा विश्वकप में उनके प्रदर्शन और धीमी बल्लेबाज़ी को लेकर काफी आलोचनाएं हो रही हैं.

इससे पहले धोनी की आलोचना अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ खेले गए मैच से ही हो रही है. जिसमें भारतीय टीम हारते-हारते जीती थी. अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ धोनी ने आख़िरी ओवर्स में 52 गेंदों पर 28 रन की पारी खेली थी.

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