नए मैदान बने नहीं, पुरानों में हो रही राजनीतिक सभाएं

Patrika

Patrika

Author 2019-10-06 00:36:55

Patrika

img

झाबुआ. शहर की जनसंख्या 50 हजार से अधिक है। खेल मैदानों के आभाव में यहां के 2 हजार से अधिक खेल प्रतिभाएं प्रेक्टिस करने के लिए तरस रही हैं।

दो मैदानों में से एक कॉलेज मैदान पर तीन साल से गड्ढे खोदे जाते हैं, फिर भरे जाते हैं। जिससे वहां खेल बंद है। दूसरे उत्कृष्ट मैदान पर राजनीतिक दलों की सभाएं होती हैं। साथभर कई तरह के निजी और सरकारी कार्यक्रमों के लिए टेंट लगा रहता है। इससे यहां भी खिलाड़ी नहीं जा सकते। केवल दो मैदान हैं वहां भी खेलना प्रतिबंधित है। भाजपा-कांग्रेस की सरकारें बनी पर नए मैदान तो बना नहीं पाई। पुराने मैदान भी खेल के लिए बंद कर दिए। तीरंदाजी के लिए जिले की पहचान राष्टी्रय स्तर पर है। पर उनके लिए खेल मैदान नहीं है।

कॉलेज खेल मैदान दुरुस्त करने का कार्य तीन साल से चल रहा है। पिछले साल मार्च में मैदान को खोदा गया था। इसके बाद से ही खिलाड़ी निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने की मांग करने लगे। जिले में एक भी शासकीय खेल मैदान नहीं होने पर कॉलेज मैदान पर स्टेडियम बनाने का कार्य शुरू किया गया। जहां मौजूद रनिंग ट्रेक, फुटबॉल, क्रिकेट, लोंग जंप, हाई जंप, कबड्डी, वॉलीबॉल और बॉस्केटबॉल आदि खेल के लिए तैयार पुराना मैदान खोद देने से खिलाडिय़ों के लिए पहले से मौजूद खेल सुविधाएं नहीं बची। राजा क्लब, रातीतलाई, आजाद क्लब के 10 साल से 40 साल तक के अधिक खिलाड़ी फुटबॉल खेलने से वंचित हैं।

दो हजार से अधिक खिलाड़ी प्रैक्टिस करने से वंचित, कॉलेज मैदान गड्ढों में तब्दील, उत्कृष्ट स्कूल मैदान पर आए दिन कार्यक्रम
मैदान के अभाव में खिलाडिय़ों को पिछडऩे का डर
प्रतियोगी परीक्षा फि जीकल फि टनेस की तैयारी करने वाले प्रतिभागी खेल मैदान बनने का इंतज़ार कर रहे हैं। अमन खान, आयुष रावत, मोहित गिदवानी, प्रणय अरोरा ने बताया कि फ ॉरेस्ट , रेलवे, सेना , आरक्षक, सब इंस्पेक्टर आदि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र दूसरे जिलों के प्रतिभागियों से पिछड़ रहे हैं। खेल प्रेक्टिस नहीं होने से खिलाडिय़ों का शारीरिक-मानसिक विकास अवरुद्ध हो रहा है। दूसरे जिले के प्रतिभागियों से पिछडऩे का डर है। मॉर्निंग एवं इवनिंग क्लब के सदस्यों को भी मैदान की बदहाली से पैदल चलने में परेशानी हो रही है। यहां स्वास्थ्य लाभ लेने रोज हजार से अधिक लोग पहुंचते हैं।
जिले की खेल प्रतिभाएं
जिले के कई खिलाडिय़ों ने विभिन्न खेलों में अपना जौहर दिखाते हुए जिले का नाम रोशन किया। इनमें सिमरन राठौर ताइक्वांडो, निधि त्रिपाठी कराते, सोनू पाल तीरंदाजी, शिवा त्रिवेदी कराते, शीतल सुरेश कबड्डी, रवीना नरवेसिंह कबड्डी, संगीता नरवेसिंह , थलेटिक्स, अवंतिका पारू एथेलेटिक्स- कबड्डी, रीता गुंडिया एथलेटिक्स, जयंत चौधरी क्रिकेट, हेमेंद्र मोहनिया क्रिकेट, लक्ष्मण मुनिया खो-खो, पंकज रावत तीरंदाजी, कैलाश मेड़ा तीरंदाजी ,अमन गोयल योग, कलसिंह भूरिया एथलेटिक्स प्रमुख रहे। इन खिलाडियों में से कुछ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहे हैं।

READ SOURCE

READ SOURCE

⚡️Fastest Live Score

Never miss any exciting cricket moment

OPEN