नवाब इफ़तिखार अली ख़ान पटौदी की जीवनी

shakeel ahmad

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Author 2019-09-29 13:34:39

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16 मार्च 1910 दिल्ली के पटौदी हाउस में नवाब इफ़तिखार अली ख़ान की पैदाइश हुई, इनके पिता का नाम मुहोम्मद इब्रहीम अली ख़ान पटौदी था। और माँ का नाम सहर बानो था, जो रिश्तेदार थीं मशहूर उर्दू और फ़ारसी के शायर मिर्ज़ा ग़ालिब की.

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इफ़तिखार अली ख़ान अपनी उच्च शिक्षा के लिए 1926 में ब्रिटेन गए, और उन्होने वहाँ ऑक्सफोर्ड के बेलिओल कॉलेज में दाख़िला लिया, उनकी रुचि हॉकी और क्रिकेट में थी और उन्होने अपने विश्वविद्यालय के लिए दोनों ही खेलों में ब्लूज़ जीते. सन 1931 में पटौदी ने रेट्क्लिफ का रिकॉर्ड जोकि 201 रन का था तोड़ कर 238 रनों का नया रिकॉर्ड बनाया जो की 2005 तक कोई नहीं तोड़ सका था.

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पटौदी ने 1932-33 में ऑस्ट्रेलिया के बॉडीलाइन श्रृंखला दौरे के लिए इंग्लैंड की टीम बनाई। और अपने एशेज़ टेस्ट डेब्यू पर, उन्होंने शतक बनाया, उन्होंने केवल इंग्लैंड के लिए तीन टेस्ट खेले,1936 में पटौदी भारत लौट आए।और उन्हे भारत की कप्तानी करने का मौका मिला, मगर उन्होने इंग्लैंड के खिलाफ़ खेलने से माना कर दिया था. उस वक़्त, 1946 में जब वो 36 साल के हो चुके थे, तब उन्होने इंग्लैंड के खिलाफ़ भारतीय टीम की कप्तानी की

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सन 1931 में उन्हे पटौदी के नवाब का दर्जा मिला और जब हिंदुस्तान आज़ाद हुआ सन 1947 में तो उन्होने रियासत छोड़ दिया और भारतीय विदेश कार्यालय में काम करने लगे, 1952 में पोलो खेलते हुए उनकी मृत्यु हो गई. अपनी पत्नी साजिदा सुल्तान,जो की भोपाल के नवाब की बेटी थीं , तीन बेटियों और एक ग्यारह वर्षीय बेटे मंसूर अली ख़ान को अपने पीछे छोड़कर चले गए , जो भारत के महानतम कप्तानों में से एक बन गए।


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