नहीं थम रहा सिविल लाइंस क्लब का विवाद

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Author 2019-10-02 08:55:30

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जासं, बठिडा : शहर के सिविल लाइंस क्लब का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्व चार माह से ज्यादा समय से पेरेंट बॉडी व क्लब मेंबरों के बीच चल रहा विवाद थानों व कोर्ट कचहरी के बाद आम पब्लिक में पहुंच गया है।

बीते दिनों पेरेंट बाडी के पदाधिकारियों ने जत्थेदार संत बलजीत सिंह दादूवाल को विवाद में शामिल करते हुए क्लब के पदाधिकारियों पर गुरु नानक लाइब्रेरी एंड हाल को क्लब से बाहर निकालने व उसे एक साजिश के तहत बंद करवाने के आरोप लगाए थे। वहीं क्लब में होने वाले क्रिकेट मैच की जमा होने वाली फीस में 25 फीसद गुरु नानक देव लाइब्रेरी एंड हाल को जमा नहीं करवाने के आरोप लगाए थे। इसके बाद संत दादूवाल ने उक्त रकम छह अक्टूबर तक जमा करवाने की चेतावनी क्लब के मेंबर्स को दी थी। इसके बाद क्लब की मीटिग प्रधान एडवोकेट राजन गर्ग व महासचिव सुनील कुमार सिगला की अगुवाई में हुई। इस मीटिग में क्लब के पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य, कोआर्डिनेटर, क्रिकेट स्पो‌र्ट्स कमेटी के सदस्य शामिल हुए। इस दौरान समूह मेंबरों ने बीते दिनों जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल द्वारा दिए गए बयान पर सहमति प्रकट करते हुए बीस अक्टूबर को होने वाले कीर्तन में पूर्ण सहयोग देने का ऐलान किया। वहीं तख्त श्री दमदमा साहिब तलवंडी साबो के हुक्मनामे के मुताबिक जत्थेदार तख्त श्री दमदमा साहिब से लिखित प्रवानगी भी ली जाएगी।

क्लब मेंबरों ने बताया कि तख्त साहिब के हिदायत मुताबिक लाइब्रेरी आम लोगों के लिए हमेशा खुली है। जबकि पहले गुरु नानक हाल एंड लाइब्रेरी के पुराने प्रबंधकों ने हमेशा इस बात का विरोध किया। क्लब के मेंबरों ने आरोप लगाया कि लाइब्रेरी के सदस्यों ने अपने निजी स्वार्थ को मुख्य रखते हुए जत्थेदार दादूवाल को गलत तर्क पेश कर गुमराह करने की कोशिश की है और संविधान को गलत तरीके से पेश किया है। चूंकि 25 फीसद फंड जमा करवाने वाली बात बिल्कुल गलत है। क्लब के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि क्लब में जो किक्रेट मैच होते हैं, वह क्लब मेंबर ही खेलते हैं और उनके द्वारा जमा करवाई राशि से ज्यादा रकम उक्त टूर्नामेंट पर खर्च होती है, जोकि क्लब अपने खाते से खर्च करता है। क्लब पदाधिकारियों ने जत्थेदार दादूवाल को बताया कि गुरु नानक हाल एंड लाइब्रेरी के 13 मेंबरों से करीब 16 लाख रुपये क्लब मेंबरशिप फीस लेनी है, जिसके लिए उन्हें नोटिस जारी किया था। लेकिन उसमें से सिर्फ एक ही मेंबर ने 48 हजार रुपये जमा करवाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लाइब्रेरी के मेंबर व क्लब के पूर्व प्रधान व महासचिव ने क्लब के करीब 2.75 करोड़ रुपये हड़पने की कोशिश की, लेकिन 1200 मेंबरों ने इसका विरोध करते हुए उन्हें पद से हटा दिया, जोकि उक्त लोगों से बर्दाश्त नहीं हो रहा है और अब वह क्लब को अपनी निजी प्रॉपर्टी समझकर इसे बंद करवाना चाहते हैं।

उन्होंने बताया कि उक्त पूर्व पदाधिकारियों के खिलाफ बीती 13 सितंबर को एसएसपी बठिडा को क्लब के फंड का दुरुपयोग करने संबंधी लिखित शिकायत भी दी, जोकि डीसी बठिडा को भेजी गई है। इतना ही नहीं डीसी ने उनकी शिकायत की जांच के आदेश जारी किए जा चुके है। उन्होंने उक्त 13 मेंबरों को क्लब की 16 लाख रुपये फीस जमा करवाएं। उन्होंने चेताया कि अगर ऐसा नहीं किया जाता है, तो वह डीसी, आईजी, एसएसपी बठिडा को लिखित तौर पर शिकायत दी जाएगी।

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