बस कंडक्टर के बेटे ने भारत को बनाया U-19 एशिया कप चैंपियन

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Author 2019-09-16 13:59:09

भारतीय U-19 क्रिकेट टीम एशिया कप-2019 की चैंपियन बन गयी हैं| U-19 टीम 7वीं बार एशिया कप चैंपियन बनी हैं| U-19 एशिया कप 2019 के फाइनल मैच में भारत ने बांग्लादेश को 05 रनों से हराया|

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एशिया कप फाइनल की इस जीत के हीरो अथर्व अंकोलेकर रहे| 107 रनों के मामूली लक्ष्य का पीछा करने उतरी बांग्लादेश की टीम 33 ओवरों में 101 रनों पर आल-आउट हो गई| मुंबई के लेफ्ट आर्म स्पिनर अथर्व ने 8 ओवरों में 2 मेडन के साथ 28 रन देकर 5 विकेट लिए| अर्थव 12 विकेट लेकर U-19 एशिया कप 2019 में शीर्ष पर रहे|

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अथर्व अंकोलेकर के इस अद्भुत प्रदर्शन की वजह से अब हर कोई उनके बारे में जानना चाहता हैं| जिससे इस सफलता के लिए किये गए संघर्ष का पता लगाया जा सके| अथर्व ने अपनी जिंदगी में बहुत ज्यादा संघर्ष किया हैं जिसका फल अब मिला हैं और अथर्व एक ही दिन में पुरे देश के हीरो बन गए हैं|

जानिए कौन हैं अथर्व अंकोलेकर-

जब अथर्व 10 साल के थे तब उनके पिता का देहांत हो गया था| वे मुंबई की बस सेवा में कंडक्टर थे| अथर्व के पिता चाहते थे कि उनका बेटा क्रिकेटर बने| पत्नी वैदेही ने उनके सपने को धुंधला नहीं होने दिया और दो बेटों की परवरिश के लिए पति की जगह बस कंडक्‍टर की नौकरी करने लगीं| मां के संघर्ष की बदौलत अथर्व ने न सिर्फ अपने देश को चैम्पियन बनाया, बल्कि पिता के सपने को भी सच कर दिखाया|

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फाइनल वाले दिन अथर्व की मां ने छुट्टी ले ली थी और पूरा दिन बेटे की सफलता के लिए प्रार्थना में बिताया| अथर्व की माँ ने कहा कि जब 12 रन रह गए थे और दो विकेट शेष थे, तो मुझे उम्मीद थी कि अथर्व को बॉलिंग मिलेगी और मैं गणपति बप्पा से प्रार्थना कर रही थी कि आज का दिन मेरे बेटे का हो|

अथर्व अंकोलेकर का एक छोटा भाई भी हैं, जिसका नाम पार्थ हैं| वह इस समय 13 साल का हैं और मुंबई अंडर-14 टीम के संभावितों में है| अथर्व की माँ ने बताया कि उसने फोन कर कहा कि श्रीलंका दौरे पर रोज के खर्च के लिए जो पैसे मिले थे, उसी से वह अपने छोटे भाई के लिए जूते खरीदेगा|

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