बीसीसीआई की नई पारी शुरू

Divya Himachal

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Author 2019-10-24 03:02:10

imgमुंबई – पूर्व भारतीय कप्तान सौरभ गांगुली ने बुधवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के 39वें अध्यक्ष का पदभार संभालने के साथ ही वादा किया कि वह बीसीसीआई को नई शुरुआत देंगे और भारतीय क्रिकेट को सर्वश्रेष्ठ बनाएंगे। बीसीसीआई की आमसभा में गांगुली को आधिकारिक रूप से बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया। अपनी कप्तानी के समय का ब्लेज़र पहने हुए गांगुली ने बीसीसीआई के अध्यक्ष पद का पदभार संभाला। भारतीय क्रिकेट बोर्ड के पिछले 65 वर्षाें के इतिहास में वह पहले पूर्व क्रिकेटर हैं, जिन्हें इस संस्था के प्रमुख का पद सौंपा गया है। इसके साथ ही पिछले 33 महीनों से सर्वाेच्च अदालत द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति बीसीसीआई का संचालन संभाल रही थी, जिसका कार्यकाल भी पूर्व भारतीय कप्तान की नियुक्ति के साथ आज समाप्त हो गया। गांगुली ने बोर्ड के निर्वाचन अधिकारी एन गोपालस्वामी की उपस्थिति में अपना पद स्वीकार किया। बीसीसीआई के कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना ने गांगुली को उनका पदभार सौंपा। इस अवसर पर सीओए प्रमुख विनोद राय और अन्य सदस्य तथा राज्य क्रिकेट संघों के प्रतिनिधि भी इस दौरान मौजूद रहे। गांगुली के अतिरिक्त चार अन्य पदाधिकारियों सचिव जय शाह, कोषाध्यक्ष अरुण सिंह धूमल, संयुक्त सचिव जयेश जार्ज और माहिम वर्मा ने भी सीओए से बोर्ड में अपने पदों को ग्रहण किया। प्रशासकों की समिति की अध्यक्षता पूर्व सीएजी विनोद राय संभाल रहे थे, जबकि डायना इडुलजी और लेफ्टिनेंट जनरल रवि थोडगे अन्य सदस्य थे, जो बोर्ड के संचालन का काम देख रहे थे।

imgमुंबई – बीसीसीआई अध्यक्ष पद संभालने के बाद बुधवार को सौरव गांगुली ने टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर बात की। गांगुली ने कहा कि चैंपियन इतनी जल्दी खत्म नहीं होते। जब तक मैं यहां हूं, यहां हर किसी का सम्मान होगा। पूर्व कप्तान धोनी जुलाई में हुए वर्ल्ड कप के बाद से टीम इंडिया में नहीं हैं। उन्होंने क्रिकेट से ब्रेक लिया है। ऐसा माना जा रहा है कि वह दिसंबर से वापसी करेंगे। कप्तान विराट कोहली के बारे में गांगुली ने कहा कि मेरी उनसे गुरुवार को मुलाकात होगी, जो भी वह चाहते हैं, मैं उनका हरसंभव तरीके से समर्थन करूंगा। बोर्ड के नए अध्यक्ष ने कहा कि कोहली बेहद महत्त्वपूर्ण व्यक्ति हैं। हम उन्हें पूरी तरह सुनेंगे। एक-दूसरे का सम्मान होगा और विचारों का आदान-प्रदान भी होगा। उन्होंने कहा कि ईमानदारी और भ्रष्टाचार मुक्त वातारवरण से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बोर्ड को उसी तरह चलाऊंगा, जैसे मैंने टीम इंडिया को लीड किया था।

imgबीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने सोमवार को विराट कोहली को भारतीय क्रिकेट का सबसे अहम व्यक्ति करार दिया और कप्तान को सभी संभव समर्थन देने का वादा किया, ताकि चीजें आसान हों, मुश्किल नहीं। बीसीसीआई अध्यक्ष पदभार संभालने के बाद गांगुली ने कहा कि वह गुरुवार को भारतीय कप्तान से बात करेंगे और आगे के बारे में चर्चा करेंगे। गांगुली ने कहा कि मैं गुरुवार को उससे बात करूंगा। वह भारतीय टीम का कप्तान है और भारतीय क्रिकेट में सबसे अहम व्यक्ति है। मैं इसे इसी तरीके से देखता हूं। इसलिए हम उनसे बात करेंगे और जैसा कि मैंने कहा कि हम हरसंभव तरीके से उनका समर्थन करेंगे, वह इस टीम को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम बनाना चाहते हैं। पिछले तीन से चार वर्षों में जिस तरीके से टीम खेल रही है, उस लिहाज से यह टीम काफी शानदार रही है।

उत्तराखंड क्रिकेट संघ के उपाध्यक्ष

हादसे में क्रिकेट करियर हो गया था तबाह

2009 से खेल प्रशासन में छाए

(उम्र 45 साल)

गुजरात

क्रिकेट संघ के संयुक्त सचिव

सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बेटे

(उम्र 31 साल)

हिमाचल

प्रदेश क्रिकेट संघ के अध्यक्ष

वित्त राज्य मंत्री और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के छोटे भाई

(उम्र 44 साल)

केरल

क्रिकेट संघ

के अध्यक्ष

भारतीय टीम के मैनेजर के रूप में आस्टे्रलिया-न्यूजीलैंड दौरों पर भी गए

(उम्र 50 साल)

बुधवार से सौरभ गांगुली के पास इस पद पर बने रहने के लिए नौ महीने का समय होगा, जिसमें वह बोर्ड और भारतीय क्रिकेट की खोई साख को वापस स्थापित करने की कोशिश करेंगे। 2013 में आईपीएल में सामने आई स्पॉट फिक्सिंग घोटाले के सामने आने बाद बोर्ड और भारतीय क्रिकेट की छवि को डेंट लगा था।

मुंबई- बीसीसीआई को पूरे 33 महीने के बाद स्वायत्त रूप से बुधवार को नया अध्यक्ष मिल गया। पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली के रूप में पहली बार भारतीय क्रिकेट का प्रबंधन एक खिलाड़ी के हाथ में आया है। अब तक प्रशासनिक समिति की निगरानी में बोर्ड का कामकाज चल रहा था, लेकिन माना जा रहा है कि गड़बडि़यां अभी पूरी तरह से दूर नहीं हो पाई हैं।

गांगुली बीसीसीआई के 39वें अध्यक्ष होंगे। गांगुली के नेतृत्व में बीसीसीआई को आईसीसी के साथ जिन मुद्दों पर आगे बढ़ना है। गांगुली के लिए वह पिच बहुत आसान नहीं है। उनका सबसे बड़ा मुद्दा यह होगा कि आईसीसी द्वारा जो फ्यूचर टूअर प्रोग्राम का प्रस्ताव घोषित किया गया है, इससे सीधे तौर पर बीसीसीआई का राजस्व प्रभावित होगा। इसके अलावा उनके सामने कई घरेलू चुनौतियां भी होंगी। उन्होंने खुद माना है कि अभी जो चुनौतियां उनके सामने हैं वह एमर्जेंसी जैसे हालात वाली हैं, लेकिन गांगुली को बखूबी पता है कि इन सब चुनौतियों से कैसे पार पाना हैं। इनमें से कई मुद्दे ऐसे भी हैं, जो गांगुली के सामने तब से हैं, जब वह एक खिलाड़ी के तौर पर यहां खेलते थे। वहीं, दादा की सबसे बड़ी चुनौती बोर्ड के कामकाज को पारदर्शी व प्रोफेशनल बनाने की होगी।

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