महिला सशक्तिरण को सोच में बदलाव जरूरी: पूनम शाह

Amar Ujala

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Author 2019-09-20 02:21:17

रामपुर। महिला सशक्तीकरण के लिए सोच में बदलाव जरूरी है। यह बातें वक्ताओं ने आवास विकास में अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन अभियान के तहत आयोजित गोष्ठी में कहीं। लोगों की उस सोच को बदलना है जो बेटियों को बेटों से कम आंकते हैं। जो गलत है। वहीं, महिलाओं से छेड़खानी या दुष्कर्म जैसी गंभीर घटनाओं की रोकथाम कठोर कानून और सोच के बदलाव से ही संभव है। जब तक लोगों की इस घटिया सोच को नहीं बदला जाएगा। तब तक महिलाओं पर अत्याचार कम नहीं होंगे।
कार्यक्रम की शुरूआत मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इस दौरान पूनम शाह ने कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए योजनाओं से ज्यादा लोगों की सोच बदलना जरूरी है। जिससे महिलाओं पर होने वाली गंभीर घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। वहीं, पारुल गुप्ता ने कहा कि आज देश का गौरव सिर्फ बेटे ही नहीं बल्कि बेटियां भी बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि पीवी सिंधू, पीटी ऊषा, मैरीकॉम, फोगाट बहनें समेत तमाम खिलाडिय़ों ने खेल के मैदान में देश का मान बढ़ाया है। बेटियां आज हर क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य कर न सिर्फ देश का मान बढ़ा रही हैं बल्कि देश की तरक्की में भी अहम भूमिका निभा रही हैं। डॉ. शीनू जैन ने कहा कि महिला अपने जीवन में कई रिश्तों को निभाती हैं। वो एक बेटी, बहन, पत्नी और मां के रूप में अपने फर्ज निभाती है इसके साथ ही घर की जिम्मेदारियों को निभाने के साथ-साथ तमाम नौकरीपेशा महिलाएं परिवार को आर्थिक सहारा भी देती हैं। इसके बावजूद कुछ लोग महिलाओं को पुरुषों से कम आंकते हैं जो कि गलत है। उन्होंने कहा कि सरकार ने भी महिलाओं को आगे बढ़ाने और उनकी सुरक्षा के लिए तमाम योजनाएं चलाई हुई हैं। जिनका लाभ लेने के लिए महिलाओं को जागरूक व शिक्षित होना जरूरी है। इस अवसर पर शोभना गुप्ता, अंशू सिंहल, रजनी सिंघल, अलका जैन, रेनू अरोरा, रागिनी गुप्ता, ममता कपूर आदि मौजूद रहीं।

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