ये रोहित शर्मा का मैच था

Asiaville

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Author 2019-09-17 15:50:04

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शुरुआती ओवर्स में ऑफ़ स्टंप के बाहर जिस तरह से रोहित शर्मा बीट हो रहे थे, उसे देखकर लग नहीं रहा था कि वो लंबा टिक पाएंगे. शिखर धवन 8 रन बनाकर पवेलियन लौट चुके थे. कगिसो रबाडा की गेंद आग़ उलग रही थी.

कप्तान कोहली 10 गेंदों में 1 रन बनाकर जिस सतर्कता से खेल रहे थे, उससे पता चल गया था कि भारत के लिए 228 रनों के स्कोर का पीछा करना आसान नहीं होगा. ये मुनादी हो गई थी कि मैच आख़िरी ओवरों तक जाएगा. 13 रनों पर भारत पहला विकेट खो चुका था. कप्तान और उपकप्तान दोनों वक़्त ले रहे थे, लेकिन ख़राब शॉट खेलने से बच रहे थे. रोहित शर्मा एक बार भाग्यशाली साबित हुए कि गेंद फील्डरों तक नहीं पहुंची.

[पहली पारी का पूरा लाइव हाल यहां देखिए]

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लेकिन दूसरे विकेट के लिए 41 रनों की साझेदारी होते ही फेलुक्वायो की गेंद पर विराट कोहली ने स्लिप के ऊपर से शॉट लगाने की कोशिश की और विकेटकीपर क्विंटन डिकॉक ने बेहतरीन कैच पकड़ा. कोहली 34 गेंदों में 18 रन बनाकर रुख़्सत हुए. भारत का दूसरा विकेट 54 पर गिर चुका था. 16वां ओवर चल रहा था.
वो तो दक्षिण अफ्रीका ने महज 227 रन बनाए थे, वरना रन रेट बरकरार रखना भी एक बड़ी चुनौती हो जाती. फिर आए केएल राहुल. राहुल के साथ मिलकर रोहित शर्मा ने भारत की जीत की वो बुनियाद रखी, जहां से मैच झोली से छिटककर जाने की गुंजाइश ही ख़त्म हो गई. लेकिन, 32वें ओवर में रबाडा ने राहुल को भी चलता किया. बेहद लापरवाही भरा शॉट खेलकर राहुल 42 गेंदों में 26 रन बनाकर पवेलियन लौटे.

ज़रूरी रन रेट धीरे-धीरे 5 रन प्रति ओवर के पार पहुंच गया था, लेकिन इससे बड़ी चिंता थी टिककर बल्लेबाज़ी करने की. रोहित शर्मा ने यहां वही किया. अपनी आदतों के विपरीत वो ठहरकर खेलते रहे. वरना 83 गेंदों में 54 रन बनाकर खेलता देख कोई नहीं कहेगा कि ये बल्लेबाज़ रोहित शर्मा है.

राहुल के आउट होने के बाद जब धोनी मैदान में रोहित शर्मा का साथ देने उतरे तो वो 85-86 पर बैटिंग कर रहे थे. 33 ओवर में भारत 143 रन बना चुका था. भारत को एक साझेदारी की सख़्त आवश्यकता थी. 33वें ओवर में 86 पर बैटिंग कर रहे रोहित शर्मा को 40वें ओवर में भी शतक का इंतज़ार था. ये उनकी पारी के धीमापन को नहीं बल्कि ज़िम्मेदारी को दुनिया के सामने दर्शा गया. डेथ ओवर में रोहित शर्मा का शतक पूरा हुआ.

जब वो 128 गेंदों में 100 रन बनाकर नाबाद थे तो पहली बार ज़रूरी रन रेट 6 रन प्रति ओवर के पास पहुंच गया. भारत को 52 गेंदों में जीत के लिए 50 रन चाहिए थे, लेकिन रोहित को ख़ुद पर भरोसा था. भरोसा ये कि अगर वो एक छोर पर टिके रह गए तो 8 रन के हिसाब से भी रन बना सकते हैं. अभी पंड्या जैसे हिटर का आना बाक़ी था.

42वें ओवर के बाद ज़रूरी रन रेट सचमुच 6 के पार पहुंच गया, लेकिन 43वें ओवर में रोहित-धोनी ने 14 रन जड़ दिए. मैच में अब कोई जान नहीं रह गया. रोहित ने एकतरफ़ा कर दिया मुक़ाबला. 45वें ओवर में भारत ने 200 रन पूरे किए लेकिन धोनी जब 30 रन पर खेल रहे थे तो पहले बल्लेबाज़ी में कमाल दिखाने वाले क्रिस मॉरिस ने उन्हें भी चलता किया.

धोनी के बाद उतरे पंड्या को मैदान मे ज़्यादा वक़्त गुज़ारना अच्छा नहीं लगता. उन्होंने 7 गेंदों में 15 रन ठोक डाले. भारत 6 विकेट से मैच जीत गया. पूरे मैच का विवरण इस तरह सुनने में बेहद आसान लग रहा है. लेकिन जिस तरह पिच खेल रही थी और जिस तरह रोहित ने पहले राहुल और फिर धोनी के साथ साझेदारी निभाई, वहीं से मैच भारत के पक्ष में झुका, वरना अफ्रीका शुरू में पूरी तरह हावी था. 144 गेंदों में 122 रन बनाकर नाबाद रहने वाले रोहित शर्मा ने बता दिया कि दक्षिण अफ्रीका और भारत के बीच इस मैच में जो अंतर रहा उसका नाम है- रोहित शर्मा. अगर वो ना होते, तो कहानी कुछ भी हो सकती थी. ये मैच रोहित शर्मा के नाम ये याद किया जाएगा. भारत ने विश्वकप में मात्र दूसरी बार दक्षिण अफ्रीका को हराया है. दक्षिण अफ्रीका विश्वकप इतिहास में पहली बार लगातार तीन मैच हारी है.

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