वो सटोरिया जिसके चलते शाकिब को होना पड़ा क्रिकेट से दूर

Asiaville

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Author 2019-10-31 15:01:00

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बांग्लादेश के स्टार खिलाड़ी शाकिब अल हसन को आईसीसी ने दो साल के लिए सभी तरह के क्रिकेट खेलने से प्रतिबंधित कर दिया है. क़रीब दो साल पहले एक बुकी ने शाक़िब से फिक्सिंग के लिए संपर्क किया था. लेकिन शाकिब ने इसकी जानकारी आईसीसी को नहीं दी थी. आइए आपको बताते हैं उस सटोरियो के बारे में जिसके चलते शाकिब को दो साल क्रिकेट से दूर रहना होगा. उस बुकी का नाम है दीपक अग्रवाल.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक दीपक अग्रवाल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में एक जाना-माना नाम है. अग्रवाल का दावा है कि वो टी-20 लीग के प्रमोटरों में से एक है.

सोनीपत का है दीपक

आईसीसी द्वारा शाकिब को दो साल के लिए प्रतिबंधित किए जान के एक दिन बाद आईसीसी की एंटी करप्शन यूनिट के करीबी ने कहा कि दीपक अग्रवाल हरियाणा के सोनीपत का है. लेकिन अभी वो दुबई में है. इसके अलावा दीपक अग्रवाल दिल्ली में एक क्रिकेट अकादमी भी चलाता है.

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एक सूत्र ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, अबू धाबी में एक खेल के दौरान अपने संदिग्ध गतिविधियों की वजह से दीपक अग्रवाल दुबई की आईसीसी की एंटी करप्शन यूनिट के रडार पर आ गया. उसके बाद उस पर लगातार निगरानी रखी गई और शाकिब अल हसन के साथ उसकी बातचीत सामने आई.

नुकसान के बाद पहुंचा दुबई

सूत्र ने बताया कि दीपक अग्रवाल ने हरियाणा में एक सट्टेबाज के तौर पर अपनी शुरुआत की थी. लेकिन उसे काफी नुकसान हुआ और बाद में वो दुबई चला गया. सूत्र ने कहा, “दीपक अग्रवाल मैच फिंक्सिंग और सट्टेबाजी गैंग का सरगना नहीं है लेकिन उसका आका ग्वालियर का एक बुकी है. ग्वालियर का ये बुकी भी आईसीसी की रडार पर है. दीपक अग्रवाल का काम खिलाड़ियों से संपर्क बनाकर उनसे मैच से पहले टीम की अंदरुनी जानकारियां जुटाना है. इन दिनों छोटी से छोटी लीग भी हज़ारों सटोरियों को आर्कषित करती है और अंदर की कोई भी खबर इनको मदद पहुंचाती है.”

मोटी रकम की पेशकश करता था

दीपक अग्रवाल के तौर-तरीकों का पता लगाते हुए सूत्र ने कहा, “अग्रवाल उन खिलाड़ियों को निशाना बनाता था जिसकी उसने पहले से पहचान कर ली होती है. शुरुआती बैठक में अग्रवाल खिलाड़ियों को एक लीग का हिस्सा बनने के लिए मोटी रकम की पेशकश करता था और कहता था कि वो जो कहेंगे वो करेगा. एक बार जब वो खिलाड़ियों का भरोसा जीत लेता तब वो टीम और संभावित स्कोर के बारे में पूछताछ करता था.” सूत्र के मुताबिक खिलाड़ी जहां भी जाता था दीपक भी वहां पहुंच जाता था. वो टीम में शामिल होने वाले संभावित खिलाड़ियों के बारे में भी जानकारी जुटाता था.

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आईसीसी ने मंगलवार को एक प्रेस रिलीज जारी किया था जिसमें शाक़िब और बुकी दीपक अग्रवाल के बीच बातचीत का खुलासा किया. इस प्रेस रिलीज में शाकिब ने बताया कि दीपक अग्रवाल ने पहली बार उनसे 2017 में संपर्क किया था और तब से वो लगातार बुकी के संपर्क में थे.

शाकिब ने इस साल जनवरी और अगस्त में आईसीसी की एंटी करप्शन यूनिट के साथ अपने दो इंटरव्यू में कहा कि उन्होंने दीपक अग्रवाल से टीम या खिलाड़ियों की कोई भी जानकारी साझा नहीं की थी. शाकिब ने ये भी बताया कि उन्होंने अग्रवाल से कोई रकम भी नहीं ली और न ही किसी और तरह का लाभ हासिल किया.

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