शोएब अख्तर ने कहा- मैंने गांगुली की पसलियां तोड़ी फिर भी....

Sanjeevni Today

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Author 2019-10-17 03:33:00

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अख्तर ने कहा, ‘मैंने मोहाली में उनके शरीर, पसलियों पर गेंद मारी, वह मेरी गेंद पर हुक या पुल शॉट नहीं खेल पाए, यह उनकी बल्लेबाजी की कमी थी। वसीम अकरम ने मुझे उनकी पसलियों पर गेंद मारने को कहा, लेकिन यह गलत धारणा थी कि वह मुझसे डरते थे।

नई दिल्ली। सौरव गांगुली 2000 से 2005 तक भारतीय टीम के कप्तान रहे, महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली द्वारा पीछे छोड़े जाने तक वह भारत के सबसे सफल कप्तान माने जाते है। पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर का गांगुली के बारे में कहना है कि सौरव गांगुली के कप्तान बनने से पहले उन्हें कभी नहीं लगता था कि भारत पाकिस्तान को हरा सकता है।

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अख्तर ने कहा, ‘मैंने मोहाली में उनके शरीर, पसलियों पर गेंद मारी, वह मेरी गेंद पर हुक या पुल शॉट नहीं खेल पाए, यह उनकी बल्लेबाजी की कमी थी। वसीम अकरम ने मुझे उनकी पसलियों पर गेंद मारने को कहा, लेकिन यह गलत धारणा थी कि वह मुझसे डरते थे। आखिर वह मुझसे डरते तो मेरी गेंद का सामना करने क्यों आते।’

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अख्तर ने कहा, ‘गांगुली शानदार नेतृत्वकर्ता हैं, प्रतिभा चुनने के मामले में वह ईमानदार व्यक्ति हैं। उनके पास क्रिकेट की शानदार समझ है, वह भारतीय टीम को फर्श से शीर्ष स्तर पर ले गए।’ भारतीय क्रिकेट में बदलाव’ का श्रेय उन्होंने बीसीसीआई के भावी अध्यक्ष को दिया। अख्तर ने पाकिस्तान के लिए 1997 से 2007 के बीच 46 टेस्ट में 247 विकेट चटकाने वाले 44 साल के अख्तर ने कहा कि लोगों को गलत धारणा थी कि गांगुली उनकी तेज गति की गेंदों का सामना करने से डरते थे।

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अख्तर ने गांगुली की कप्‍तानी की तारीफ करते हुए कहा, ‘मैंने मैदान पर और मैदान के बाहर सौरव गांगुली के साथ काफी समय बिताया। कोलकाता नाइटराइडर्स में वह मेरे कप्तान थे, वह ऐसे व्यक्ति हैं जो भारतीय क्रिकेट में बदलाव लेकर आए। उन्होंने भारतीय टीम की मानसिकता बदल दी। उनके कप्तान बनने से पहले, 1997 या 1998 में, मुझे कभी नहीं लगा कि भारत पाकिस्तान को हराने के लिए मानसिक रूप से मजबूत है।’

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