BCCI का अध्यक्ष बनने से गांगुली को कितना फायदा-कितना नुकसान?

Rajexpress

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Author 2019-10-16 08:38:00

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हाइलाइट्स :

  • 10 महीने का होगा कार्यकाल

  • भूतपूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली को कितना नफा-कितना नुकसान?

  • कैब के रास्ते पश्चिम बंगाल की राजनीति होगी प्रभावित!

  • ममता बैनर्जी ने क्या कहा गांगुली को?

राज एक्सप्रेस। लॉर्ड्स की बालकनी में जर्सी उतारकर जश्न का इजहार करने वाले भारत के पूर्व कप्तान, मौजूदा क्रिकेट एनालिस्ट, कॉमेंटेटर सौरव चंडीदास गांगुली (SCG) का भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) अध्यक्ष बनने का रास्ता साफ नज़र आ रहा है। सौरव गांगुली की दादागीरी इस बात से साफ हो जाती है कि बीसीसीआई का अध्यक्ष बनने के लिए सिर्फ उन्होंने ही नामांकन दाखिल किया है। माना जा रहा कि गांगुली के अध्यक्ष बनने से भारत और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट कार्य प्रणाली में एक नए युग की शुरुआत होने वाली है।

भारत को दिया नया अंदाज-

यूं तो भूतपूर्व विश्वकप विजेता कप्तान कपिल देव ने भारत में क्रिकेट को एक नई पहचान दी थी लेकिन भारतीय क्रिकेट टीम की विश्व में आज जो हैसियत है उसका असल श्रेय सौरव गांगुली को जाता है। क्रिकेट के नियमों के जानकार और लड़ाकू प्रतिभा के धनी पश्चिम बंगाल के इस क्रिकेटर ने भारतीय क्रिकेटर्स में नए जोश का संचार किया।

ICC में बढ़ेगा दबदबा-

यूं तो अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल में भारत के दखल को इनकार नहीं किया जा सकता लेकिन अब यह भी साफ होता नज़र आ रहा है कि गांगुली के मार्गदर्शन में भारतीय क्रिकेटर्स का दबदबा आईसीसी में और बढ़ने वाला है। ऐसा इसलिए क्योंकि गांगुली अंतर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी बात मुखरता और साफगोई से रखने के लिए जाने जाते हैं। बीसीसीआई और आईपीएल की आज क्रिकेट जगत में जो हैसियत है ऐसे में गांगुली जैसा एडमिनिस्ट्रेटर ICC में भारत की धाक जमाने में कामयाब रहेगा।

ऑस्ट्रेलिया का सिक्का-

बतौर कप्तान सौरव गांगुली काफी आक्रामक रहे। टीम इंडिया के कोच रहे ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ग्रेग चैपल से उनका विवाद जगजाहिर रहा। हालांकि गांगुली ने अपनी कप्तानी में वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविण के अलावा सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गज खिलाड़ियों का नेतृत्व करते हुए युवराज सिंह, महेंद्र सिंह धोनी जैसे सितारा खिलाड़ी भी दुनिया को दिए।

ये मुद्दे रहेंगे सामने-

बीसीसीआई की कार्य प्रणाली में सुधार के साथ ही प्रथम श्रेणी क्रिकेट प्रक्रिया को पटरी पर लाना गांगुली की प्राथमिकता में शामिल है। उम्मीद जताई जा रही है उनके अध्यक्ष बनने से नए खिलाड़ियों को ज्यादा मौका मिल पाएगा क्योंकि बतौर कप्तान उन्होंने कई युवा क्रिकेटर्स भारतीय क्रिकेट टीम को दिए।

सदस्यों का जताया आभार-

“अध्यक्ष बनने के लिए मैंने कभी नहीं सोचा था, सदस्यों ने यहां तक पहुंचाया। सदस्य ही हमेशा यह चुनाव करते हैं कि कौन अध्यक्ष होगा जब सबकी सहमति बनी है तो फिर मैंने इसके लिए हां किया।”-सौरव गांगुली, पूर्व कप्तान, भारतीय क्रिकेट टीम

गुरू डालमिया के नक्शे कदम पर-

कहा तो यह भी जा रहा है कि बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष जगमोहन डालमिया को अपना गुरू मानने वाले गांगुली की वर्किंग भी डालमिया की तरह हो सकती है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड में जगमोहन डालमिया के कारण कोलकाता की हमेशा बादशाहत रही। गांगुली ने डालमिया के निधन के बाद बंगाल क्रिकेट संघ (CAB) का अध्यक्ष पद भी संभाला।

इतने दिन का कार्यकाल-

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष के तौर पर सौरव के पास 10 महीने का कार्यकाल रहेगा। हालांकि क्रिकेट के जानकारों की राय है कि इतने कम समय में भी सौरव गांगुली भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड में नई कार्यशैली वाले नए युग का सूत्रपात करने में सफल रहेंगे।

तिकड़म ये भी-

बीसीसीआई में गांगुली को निर्विरोध अध्यक्ष बनाए जाने को पश्चिम बंगाल में साल 2021 में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए पूर्व तैयारी से जोड़कर भी देखा जा रहा है। पूर्व कप्तान गांगुली की शनिवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात के बाद से इस कयास को बल मिल रहा है। कहा जा रहा है कि सौरव गांगुली विधानसभा इलेक्शन में बीजेपी का बतौर सीएम चेहरा हो सकते हैं। हालांकि सौरव गांगुली और गृहमंत्री शाह ने इन कयासों को सिरे से खारिज किया है

अभी इनका मिला साथ –

नामांकन प्रक्रिया के दौरान "प्रिंस ऑफ कोलकाता" के साथ श्रीनिवासन, राजीव शुक्ला और निरंजन शाह भी मुंबई में मौजूद रहे। यह सभी क्रिकेट की दुनिया के दिग्गज नाम हैं। गांगुली को पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और असम के बीजेपी नेता हेमंत बिस्वा सरमा का भी साथ मिला है। गांगुली ने एक फोटो भी सोशल वर्ल्ड में शेयर किया जिसमें वह अनुराग ठाकुर के साथ दिख रहे हैं। यह नमस्कार-चमत्कार ही इन दिनों चर्चा में है।

नफा-नुकसान-

गांगुली फिलहाल मात्र 10 महीने के लिए बीसीसीआई अध्यक्ष बनेंगे। ऐसे में उनको पेशेवर कॉमेंटेटर और मीडिया अनुबंधों से मिलने वाली बड़ी रकम गंवानी होगी। यह नुकसान कई करोड़ रुपयों का होगा। दरअसल लाभ के हितों के आड़े आने के कारण गांगुली को अध्यक्ष बनने की इतनी कीमत चुकानी होगी। हालांकि जो कयास लगाए जा रहे हैं, उसके मुताबिक गांगुली यदि भविष्य में पश्चिम बंगाल के सीएम बनते हैं तो उनके लिए यह लाभ का सौदा भी हो सकता है।

ममता दीदी की बधाई -

“इसे राजनीति से न जोड़ें। मैं इस बारे में किसी राजनेता के संपर्क में नहीं हूं। ममता दीदी का बधाई संदेश पाकर मैं काफी खुश हूं।” – सौरव गांगुली, पूर्व कप्तान, भारतीय क्रिकेट टीम

दीदी की ममता -

“आपको आपके कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं। हमें बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष के तौर पर भी आपके कार्यकाल पर गर्व रहा है। अगली शानदार पारी के लिए शुभकामना।”- ममता बैनर्जी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल (सोशल मीडिया में जारी बधाई)

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