IND vs SA 3rd Test: दोहरा शतक जमाने वाले Rohit Sharma ने मीडिया के साथ यूं की ‘ठिठोली…..

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Author 2019-10-21 15:05:58

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Taasir Hindi News Network | Uploaded on 21-Oct-2019

रांची:रोहित शर्मा ने रांची टेस्ट के दूसरे दिन दोहरा शतक बनाया और टेस्ट फॉर्मेट में भी ओपनर के तौर पर उतारने के टीम मैनेजमेंट के फैसले को सही साबित कर दिखाया. दूसरे दिन (India vs South Africa, 3rd Test) का खेल खत्म होने के बाद रोहित (Rohit Sharma) ने कहा कि वे जानते थे कि टेस्ट सलामी बल्लेबाज के रूप में अपनी नई भूमिका में मिले मौकों का उन्हें सर्वश्रेष्ठ इस्तेमाल करना होगा. अगर वह ऐसा नहीं करते तो है तो लंबे प्रारूप के क्रिकेट में उनकी संभावनाओं पर असर पड़ सकता था. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सलामी बल्लेबाज के रूप में अपने पहले ही टेस्ट में रोहित शर्मा ने 176 और 127 रन की पारियां खेली थीं.

टीम इंडिया के इस बेहतरीन बल्लेबाज ने दूसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘अगर मैं रन नहीं बनाता तो काफी कुछ होने वाला था और नहीं तो आप मेरे बारे में काफी कुछ लिख देते. इसलिए यह मुझे मिले मौकों का फायदा उठाने से जुड़ा था. मुझे पता था कि मुझे इसका पूरा फायदा उठाना होगा, अन्यथा मीडिया मेरे खिलाफ लिखता. अब मुझे पता है कि सभी मेरे बारे में अच्छी चीजें लिखेंगे.’ रोहित (Rohit Sharma) ने चार पारियों में 529 रन बनाए हैं और किसी टेस्ट सीरीज में 500 से अधिक रन बनाने वाले सिर्फ पांचवें भारतीय सलामी बल्लेबाज बने. उन्होंने कहा, ‘पारी का आगाज करना मेरे लिए अच्छा मौका था. जैसा कि मैंने विशाखापट्टनम टेस्ट के दौरान कहा, पारी की शुरुआत करने को लेकर मेरे और टीम प्रबंधन के बीच लंबे समय से संवाद हो रहा था. इसलिए मानसिक रूप से मैं इसके लिए तैयार था. मुझे पता था कि ऐसा कभी भी हो सकता है.’

रविवार को रोहित (Rohit Sharma) ने अजिंक्य रहाणे (115) के साथ चौथे विकेट के लिए 267 रन की रिकॉर्ड साझेदारी की जब भारत पहले दिन 39 रन पर तीन विकेट गंवाने के बाद संकट में था. उन्होंने कहा, ‘अगर इस पारी की बात करूं तो मैं कहूंगा कि यह सबसे चुनौतीपूर्ण पारी थी. मैं ज्यादा नहीं खेला. मैं सिर्फ 30 टेस्ट खेला हूं. मैंने अब तक जिसका सामना किया है उसे देखते हुए यह संभवत: सबसे चुनौतीपूर्ण था.’ पारी का आगाज करने की चुनौती के संदर्भ में रोहित ने कहा, ‘पारी का आगाज करना छठे-सातवें नंबर पर बल्लेबाजी से अलग चुनौती है. यह इस पर निर्भर करता है कि आपने कैसी तैयारी की है, आप मैदान पर उतरकर क्या करना चाहते हो, क्या हासिल करना चाहते हो.’ उन्होंने कहा, ‘मैच की पहली गेंद का सामना करना , 30-40 ओवर के बाद खेलने की तुलना में बिलकुल अलग है.’ रोहित ने कहा कि वह अगले साल न्यूजीलैंड दौरे के दौरान विदेशों में भी अपनी सफलता को दोहराना चाहते हैं.

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