Sourav Ganguly Biography : बंगाल टाइगर से सौरव गांगुली बनने तक की पूरी कहानी

Hari Bhoomi

Hari Bhoomi

Author 2019-09-20 22:17:56

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Sourav Ganguly Biography सौरव गांगुली का जन्म 8 जुलाई 1972 को पश्चिम बंगाल के कोलकाता में हुआ था। सौरव के पिता का नाम चंडीदास और इनकी माता का नाम निरुपा गांगुली है। गांगुली के पिताजी एक सफल छपाई का व्यवसाय चलाते थे और कोलकाता के सबसे रईस व्यक्तियों में से थे। बंगाल में फुटबॉल का इतिहास बहुत पुराना है। इसलिए वहां के लोग फुटबॉल से ज्यादा प्यार करते है। फुटबॉल के लोकप्रियता के चलते शुरूआत में सौरव गांगुली भी फुटबॉलर बनना चाहते थे।

सौरव गांगुली का अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट करियर (Sourav Ganguly Cricket Career)

सौरव चंडीदास गांगुली जिन्हें प्यार से दादा कहकर बुलाया जाता है, दादा का मतलब बड़ा भाई होता है। गांगुली पूर्व भारतीय क्रिकेटर औेर भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रहे है। सौरव गांगुली को प्रिस ऑफ कोलकाता, द महाराजा, द गॉड ऑफ द ऑफ साइड, दादा, द वॉरियर प्रिंस के नाम से भी बुलाया जाता है। अगर हम सौरव गांगुली के बचपन की बात करें तो उनका जन्म बंगाल के अति प्रतिष्ठित परिवार में हुआ। गांगुली को क्रिकेट का शौक बचपन से था और इस शौक को बढ़ावा देने वाले उनके बड़े भाई स्नेहाशीष का पूरा योगदान रहा। आज की तारीख में सौरव गांगुली को भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक माना जाता है। और वह अब तक के सबसे महान वनडे बल्लेबाजों में से एक है।

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गांगुली ने अपने कैरियर की शुरुआत स्कूल से की और राज्य स्तरीय टीम में खेलते हुए की। वर्तमान में वह एक दिवसीय मैच में सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ियों में 5वें स्थान पर हैं और 10,000 रन बनाने वाले 5वें खिलाड़ी और सचिन तेंदुलकर के बाद दूसरे भारतीय खिलाड़ी हैं। क्रिकेट पत्रिका विस्डन के अनुसार वे अब तक के सर्वश्रेष्ठ एक दिवसीय बल्लेबाजों में 6वें स्थान पर हैं। फिलहाल, वो क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ़ बंगाल के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त है साथ ही विजडन इंडिया के साथ संपादकीय बोर्ड के अध्यक्ष भी है। कई घरेलू टूर्नामेंट (रणजी ट्रॉफी और दिलीप ट्रॉफी) खेलने के बाद सौरव को भारतीय क्रिकेट टीम के इंग्लैंड दौरे पर पहली बार मौका मिला था।

सौरव गांगुली के रिकॉर्ड (Sourav Ganguly Records)

सन 1997 में सौरव गांगुली वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। श्रीलंका के खिलाफ भी उन्हें मैन ऑफ द सीरीज चुना गया। वनडे के इतिहास में सौरव गांगुली और सचिन तेंदुलकर की 252 रन की पारी आज भी एक रिकॉर्ड के रुप में कायम है। बंगाल टाइगर सौरव गांगुली को साल 2000 में फरवरी के महीने में उन्हें भारतीय नेशनल टीम का कप्तान चुना गया। सौरव उन खिलाड़ियों में आते हैं जिन्होंने एक ही मैच में शतक भी बनाया साथ ही साथ चार विकेट भी लिए हैं।

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सहारा कप में बंगाल टाइगर (Sourav Ganguly Awards)

साल 1997 में टोरंटो में खेले गए सहारा कप क्रिकेट मैचों में उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ शानदार पारी खेला और लगातार पांच बार मैन ऑफ द मैच अवार्ड का रिकॉर्ड बनाया। सौरव ने पाकिस्तान के खिलाफ इस मैच में 75 गेंदों पर 75 रन बनाया था और इसी मैच में पांच विकेट भी झटके और इसी सीरीज के लिए उन्हें मैन ऑफ द सीरीज चुना गया। 2004 में इन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया जो की भारत के सर्वश्रेष्ठ पुरस्कारों में से है।

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वर्तमान में वो क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ़ बंगाल के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त है साथ ही विजडन इंडिया के साथ संपादकीय बोर्ड के अध्यक्ष भी है। सौरव गांगुली इंडियन प्रीमियर लीग की संचालन परिषद के चार सदस्यों में से एक हैं, जो टूर्नामेंट के सभी कार्यों के लिए जिम्मेदारी निभाते हैं। उन्हें जनवरी 2016 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त किया गया था। वह इंडियन प्रीमियर लीग की तकनीकी समिति के भी सदस्य हैं।

सौरव गांगुली की वाइफ (Sourav Ganguly Wife)

सौरव गांगुली 1 फरवरी 1997 को अपने बचपन के दोस्त डोना गांगुली के साथ शादी के बंधन में बंधे। डोना गांगुली एक भारतीय बंगाली ओडिसी डांसर रह चुकी है। सौरव गांगुली और डोना बचपन से एक दूसरे को जानते थे। दरअसल वे एक दूसरे के बगल में रहते थे। सौरव गांगुली फुटबॉल खेलने या अन्य किसी काम के लिए अपने घर से कई बार गुजरते थे इसी दौरान डोना से उनकी मुलाकात हो जाती थी। सौरव गांगुली और डोना के घर 2001 में एक बेटी का जन्म हुआ। जिसका नाम सना गांगुली है।

सौरव गांगुली की फैमिली (Sourav Ganguly Family)

सौरव गांगुली का जन्म 8 जुलाई 1972 को कलकत्ता में हुआ था। उनके पिता जका नाम चंडीदास और मां का नाम निरूपा गांगुली है। सौरव गांगुली परिवार में सबसे छोटे हैं। उनके बड़े बड़े भाई का नाम स्नेहाशीष गांगुली है। सौरव गांगुली के पिता चंडीदास एक प्रिंटिंग का बिजनेस चलाते थे और शहर के सबसे धनी व्यक्तियों में से एक थे। गांगुली के पिता चंडीदास गांगुली का 73 वर्ष की आयु में 21 फरवरी 2013 को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। सौरव गांगुली की रुचि फुटबॉल में थी क्रिकेट में करियर बनाने में उनके भाई स्नेहाशीष गांगुली ने मदद की। स्नेहाशीष खुद स्टेट लेबल तक क्रिकेट खेल चुके हैं।

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